Wednesday, February 26, 2014

! . ! . शीत : एक बातचीत ! . !

सिकुड़े दिन  ठिठुरती लम्बी रात हो गई
लीजिये ठंड की गरमागरम शुरुआत हो गई

सुबह सबेरे सूरज भी दुबका हुआ है
रुतबा उसका इन दिनों घटा हुआ है
धुंध भी आजकल अपनी धुन में रहती है
करके दोस्ती हवाओं से ... उनमें रहती है
कोहरे ढकी शाम-ओ-सुबह .. धूप सजी दुपहरी
गुदगुदाती कंपकंपाती .. शीत लहरी
हर सुबह वही जंग .. वही लड़ाई
कैसे निकले बाहर .. छोड़े रजाई
मुंह से भाप .... वो भी अपनेआप
बाप रे बाप ! .. कुछ समझे आप
दन्त स्पंदन
शरीर में कंपन
रूखी खुश्क त्वचा,
मलाई क्रीम कुछ न बचा
दस्ताने मफलर कनटोप
स्वेटर, जैकेट, कोट
शाल, स्कार्फ, कार्डिगन
इन्हीं के सहारे गुजरेगा पूस अगहन

‘हीटर’ नियामत ‘गीज़र’ एक सौगात हो गई
लीजिये  ठंड की गरमागरम शुरुआत हो गई

चाय की चुस्कियां ..
तिलकुट और रेवड़ियां ..
खस्ता करारी गज़क ..
मूंगफली संग नमक ..  
गाज़र का हलुवा
सुनकर कुछ हुआ ?
मक्के की रोटी सरसों का साग
अपने तो जाग गए भाग  
मूली के गरमागरम पराठे
हम खायेंगे चाहे कोई डांटे

नरम धूप, गरम सूप .. वाह क्या बात हो गई
लीजिये .. ठंड की गरमागरम शुरुआत हो गई

फायदेमंद सही .. पर हर्ज़ भी बहुत है
ये ‘मौसम-ए-सर्द’ .. बेदर्द भी बहुत है
गरीब ही नहीं, अमीर को भी पकड़ लेती है
ज़रा चूके नहीं कि .. ये सर्दी जकड़ लेती है
ये जुमला भी ... आम हो गया
देखिये ! शायद आपको भी जुकाम हो गया
पहने लबादा फिर भी है ‘वाइब्रेशन मोड’ पर
ज़रा नज़र तो फेंकिये .. देखिये रोड पर
सिमटे दुबके फुटपाथ
सोचिये कैसे गुजरेगी रात
कौन चुकाए दाम .. दे साथ
निकलते नहीं .... जेब से हाथ
अलाव जल गए, कम्बल बंट गए
तापकर हाथ .. हम पीछे हट गए

अमीरों को पुण्य ... गरीबों को खैरात हो गई
लीजिये .. ठंड की गरमागरम शुरुआत हो गई

रह रह कर ख्याल दुबारा आता है
पलटकर जब जब ये जाड़ा आता है
माँ कैसे स्वेटर बुना करती थी
उल्टे सीधे फंदे गिना करती थी
कुछ बात थी .. उस सलाई ऊन में
तब अंतर भी न जानते थे जनवरी जून में
अब क्या क्या लिखें … हम इस मज़मून में
सोचते सोचते हम लिहाफ में लिपट गए
कितने बिखरे पल .. पल में सिमट गए     

चलिए बीते दिनों से भी .... मुलाक़ात हो गई
लीजिये .. ठंड की गरमागरम शुरुआत हो गई

आमद धीमी सही पर धड़ाके की होगी 
सुना है सर्दी इस बार कड़ाके की होगी 
ठंडक बेतहाशा .. और जाड़ा भी पड़ेगा 
गिरते हुए पारे से .. पाला भी पड़ेगा 
तापमान की गिरावट खबर में रहेगी 
बिगड़ी सर्दीली हवाएं शहर में रहेंगी 
गर्म दिन, किसी को सबसे ठंडा बताया जाएगा 
नित्य रोज़ नया रिकार्ड ....... बनाया जाएगा 
कोहरे के कहर से हमारी भेंट होगी 
फ्लाइटें रद्द .... और ट्रेनें लेट होंगी 
संभावना है .. गरज के साथ छीटें, ओले पड़ेंगे 
ऐसी खबरें अब हर दिन ... अखबारों में पढेंगे 

लगे हाथ मौसम की भी .... मालूमात हो गई 
लीजिये .. ठंड की गरमागरम शुरुआत हो गई

~ . ~ . ~ . ~ . ~ . ~ अमित हर्ष  ~ . ~ . ~ . ~ . ~ . ~

1 comment:

  1. बहुत सुन्दर शीत ऋतु वर्णन !!!

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